तन्हाई में किसी के होने का अहसास,
होता है ये ये रिश्ता बहुत खास,
मत कर जिद ऐ जिंदगी मुझे सताने की
मेरा हमसफर जानता है हर मर्ज का इलाज,
जिंदगी के सताए है अब किसी का कोई दर नहीं,
जीए तो की लेंगे सासो की डोर टूट भी जाए तो कोई गम नही,
जिंदगी में बहुत काफिले मिले कुछ समय के साथ चले कुछ बिछड़ गए,
जो साथ थे वो मतलब के लिए थे जो छूट गए वो यादें दे गए,
अपनो की हसरतें पूरी करते करते,
कहा जिंदगी छूट गई पता ही नही चला,
ऐ जिंदगी जीने का सबक दे दे,
समझ नही आ रहा है कहा से शुरू किया था कहा खत्म करे,
मतलबी दुनिया ने जीने का सबक सिखा दिया,
जिंदगी ने आजमाया भी और सिखाया भी,
एक शाम जिंदगी की ढल जाएगी,
कौन जानता है कल कोई याद करेगा भी या नही,
💖Akeli Zindagi Shayari 💖
किस बात का गुमान है जाने इंसान को,
आया खाली हाथ था जाना खाली हाथ है.
ना वफ़ा ही काम आयी ना लकीरे ही बदल पाए,
एक शाम तन्हाई की तेरे शहर में ही बिता जाए,
हर पल बदलते रिश्तों के साये देखे है,
इस संसार में अपनों से अच्छे पराये देखे है ,
सजा तो बहुत मिली ज़िन्दगी में ज़िन्दगी से ,
पर कसूर क्या था मेरा ये नहीं बताया।
इस कदर धोखे खाये ज़िन्दगी में,
अब तन्हाई भी बेवफा लगने लगी है।
कुछ तो रहम कर ए ज़िन्दगी,गैरो की तरह बर्ताव ना कर,
तेरे अपने ही है हम, हमे यु बर्बाद ना कर।
किताबो में पढ़ा और ज़िन्दगी में आजमाने चले गए
बेबसी उदासी तन्हाई ये असल ज़िन्दगी के मायने रह गए,
तनहा है रात और तन्हाई है
गमो का सैलाब है और हर तरफ बेबसी छाई है।
मुहब्बत है मुझे तन्हाई से
महफ़िलो में सुकून नहीं मिला करता।
बिना कसूर के गुनेगार हो गए ,
ज़िन्दगी ने इस कदर इम्तेहान जो लिया।
पल पल की थी ज़िन्दगी,
और पल ,पल में गुजर गए।
महफ़िल की तलाश उसे है,
जिसे महफ़िल के बाद के सन्नाटे का इल्म भी नहीं।
जाना सबने है जिंदगी तुझे छोड़ कर,
फर्क बस इतना है कोई हंसा के गया कोई रुला के।
💖 Zindagi Shayari In Hindi 💖
सवाल जवाब बन के रह गई है जिंदगी,
जितना हु सुलझाया उतना ही उलझ गई है।
इतना मुझे मत सता ए जिंदगी,
मुझे कौन सा यहां सदियां बितानी है।
नीद भी क्या चीज है यारो,
ना सुख में सोने देती है न दुख में ही आती है।
क्या शिकायत करू तुझसे ए जिंदगी,
तू जितनी भी गुजरी नागवार गुजरी है।
इस कदर धोखे खाए है जिंदगी,
ना पाने की ही खुशी है ना खोने का ही गम।
ए ज़िंदगी जीने का पता बता दे,
मैं भी जी लू कुछ पल सुकून के।
जिंदगी के सताए है हमे मौत से कोई गिला नहीं,
वफ़ा तो हर किसी से की लेकिन वफादार कोई मिला नहीं।
कुछ पलो की है जिंदगी फिर मौत तो आनी है,
जो चला गया उसे ना रोक पाए रह जानी उसकी निशानी है।
ज़िन्दगी एक बेपर परिंदे की तरह गयी है,
जीने की उम्मीद है पर मौत के साये में ।
बेड़ियों बध गयी है हर साँस ,
आज पता चला ज़िन्दगी इतनी आसान नहीं है ।
जीना ही नहीं तो जीने चाहत कैसी,
जब बर्बाद ही होना है तो किसी से मुहब्बत कैसी ।
इंसान की जरुरत रोटी कपडा और मकान,
इसी को पूरा करने में बीत गया ज़िन्दगी का हर मकाम ।
खबर सबको थी मेरी वीरान ज़िन्दगी की,
फिर भी सबने दुवाओ में मेरे लिए तन्हाई ही मांगी ।
ए ज़िन्दगी मैं वो क्यों बनु जो तू चाहती है,
तू वो क्यों नहीं बन जाती जो मैं चाहता हूँ ।
ज़िन्दगी ने सोचा कि तमाशा करेगा ये,
मैंने खामोश रहकर ही ज़िन्दगी बिता दी ।
खवाहिशे महँगी हो सकती है मेरे दोस्त,
खुशिया तो हर पल मुफ्त मिलती है ।
हर सफर की अपनी एक कहानी होती है,
कुछ साथ चलते है मंजिल तक, कुछो की यादे और है ।
खुशनसीब है वो लोग जो अपना दर्द बयां कर सकते है,
तन्हा दिखना और तन्हा होने में बहुत फर्क होता है ।
मिटटी की मूरत और हॅसते चेहरे के पीछे के दर्द को,
वो ही पहचान सकता है
जो जो दर्द की इंतेहा से गुजर चुका है ।
कहते है दर्द अगर ज्यादा हो तो मैखाने चले जाओ,
अब इन्हे कौंन समझाए दर्द ही हमे मैखाने से मिला है ।
बिना कसूर के हमे सजा मिल गयी,
जो बेवफा थे उन्हें ही सच्ची वफ़ा मिल गयी।
अजब खेल है ज़िन्दगी का ,
जो सबको चाहता है वही अक्सर अकेला रह जाता है ।
झूटी मुहब्बत से बेहतर मेरी तन्हाई है,
जो दर्द तो देती है मगर घाव नहीं ।
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